तुलसीदास जी का दोहा – हित सों हित, रति राम सों
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Spiritual Quote - गोस्वामी तुलसीदास जी
भक्ति
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हित सों हित, रति राम सों, रिपु सों बैर बिहाउ। उदासीन सब सों सरल, तुलसी सहज सुभाउ॥ सरल भावार्थ: जो हमारा हित चाहते हैं, उनसे प्रेम रखें। श्रीराम में अपनी प्रीति रखें और किसी से बैर न रखें। सबके प्रति सरल और सहज रहें—यही तुलसीदास जी के अनुसार उत्तम जीवन का स्वभाव है।
— गोस्वामी तुलसीदास जी
स्रोत: दोहावली, गोस्वामी तुलसीदास, दोहा संख्या 93