📤 Share Image 💬 WhatsApp पर Share करें भक्ति ❝ परहित सरिस धरम नहि भाई। पर पीड़ा सम नहि अधमाई॥ — गोस्वामी तुलसीदास जी स्रोत: रामचरितमानस, अयोध्याकाण्ड ← सभी Quotes देखें
या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ 🙏 श्री दुर्गा सप्तशती पूरा Quote पढ़ें →
“मन के हारे हार हैं, मन के जीते जीति। कहै कबीर हरि पाइए, मन ही की परतीति॥” 🙏 संत कबीर दास जी पूरा Quote पढ़ें →
हित सों हित, रति राम सों, रिपु सों बैर बिहाउ। उदासीन सब सों सरल, तुलसी सहज सुभाउ॥ सरल भावा... 🙏 गोस्वामी तुलसीदास जी पूरा Quote पढ़ें →