संत वचन
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राम भजन का सोच क्या, करताँ होइ सो होइ।
दादू राम सँभालिये, फिरि बूझिये न कोइ॥
भावार्थ:
भगवान का भजन करते हुए चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। जो होना है, वह भगवान की इच्छा से ही होगा। इसलिए भगवान का स्मरण करते रहना चाहिए और अपना मन उनकी शरण में रखना चाहिए।
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संत दादू दयाल जी
स्रोत:
संत दादू दयाल जी की वाणी